दिन रात का बड़ा या छोटा होना |Big or small day night

दिन रात का बड़ा या छोटा होना |Big or small day night.

यदि पृथ्वी अपनी धुरी पर झुकी ना  होती तो दिन-रात बराबर होते |इस प्रकार यदि पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा नहीं करती तो एक गोलार्ध में दिन सदा ही बड़े होते और राते छोटी रहती, जबकि दुसरे गोलार्ध में राते बड़ी और दिन छोटे होते |परन्तु विषुवत रेखीय भाग को छोड़कर विश्व के अन्य सभी भागों में विभिन्न ऋतुओ में दिन-रात की अवधि में अंतर होता है |विषुवत रेखा में दिन-रात सदैव बराबर होते है ,क्यों की इसे प्रकाश वृत्त हमेशा दो बराबर भागों में बांटता है |अतः विषुवत रेख का आधा भाग सदैव प्रकाश प्राप्त करता है |

पृथ्वी पर दिन रात की स्थिति

21 मार्च से 23 सितम्बर की अवधि में उत्तरी गोलार्ध को सूर्य का प्रकाश 12 घंटे या उससे अधिक समय तक प्राप्त होता है |अतः यहाँ दिन बड़े और राते छोटी होती है |जैसे-जैसे उत्तरी ध्रुव की ओर जाते है दिन की अवधि बढती जाती है |उत्तरी ध्रुव पर दिन और रात की अवधि 6-6 महीने की होती है |

-23 सितम्बर से 21 मार्च तक सूर्य का प्रकाश दक्षिणी गोलार्ध में 12 घंटे या उससे अधिक समय तक प्राप्त होता है |अतः यहाँ दिन बड़े और राते छोटी होती है |जैसे-जैसे दक्षिणी ध्रुव की ओर जाते है दिन की अवधि बढती जाती है |दक्षिणी ध्रुव पर दिन और रात की अवधि 6-6 महीने की होती है |

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