Category: General Knowledge

अवसादी चट्टानें | Sedimentary Rocks

अवसादी चट्टानें | Sedimentary Rocks अवसादी चट्टानें-पृथ्वी तल पर आग्नेय व रूपांतरित चट्टानों के अपरदन के फलस्वरूप निर्मित चट्टानों को अवसादी चट्टानें कहते है |यह चट्टाने जल वायु हिम आदि द्वारा लाये कणों या अवसादो के जमने से बनी होती है ,अवसादी या परतदार चट्टाने झीलों ,सागरों ,या नदियों में अवसादो के जमा होने से

प्रस्तावना (उद्द्शिका) | Preamble

प्रस्तावना (उद्द्शिका) | Preamble “हम भारत के लोग, भारत को एक सम्पूर्ण प्रभुत्व सम्पन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए तथा उसके समस्त नागरिकों को , न्याय, सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता प्राप्त करने के लिए तथा उन सबमें व्यक्ति की गरिमा

HomeGeneral Knowledgeज्वार भाटा कैसे आता है ?How does tide reflux come? ज्वार भाटा कैसे आता है ?How does tide reflux come?

ज्वार भाटा कैसे आता है ?How does tide reflux come? सूर्य व चन्द्रमा की आकर्षण शक्तियों के कारण सागरीय जल के ऊपर उठने तथा गिरने को ज्वार भाटा कहते है |इससे उत्पन्न तरंग को ज्वारीय तरंग कहते है |यद्यपि सूर्य चन्द्रमा से बड़ा है ,तथापि सूर्य की अपेक्षा चन्द्रमा की आकर्षण शक्ति का प्रवाह दुगना

भारतीय संविधान का ऐतिहासिक पृष्ठभूमि -2

भारतीय संविधान का ऐतिहासिक पृष्ठभूमि -2 1813 का चार्टर अधिनियम –ब्रिटिश भारत के केन्द्रीकरण की दिशा में यह अधिनियम निर्णायक कदम था | इस अधिनियम की मुख्य विशेषताए – 1.  इसने बंगाल के गवर्नर जेनरल को भारत का गवर्नर जनरल बना दिया ,जिसमें सभी नागरिक और सैन्य शक्तियां निहित थी |इस अधिनियम ने पहली बार एक ऐसी सरकार

ऋतु परिवर्तन कैसे होते है |How seasons change

ऋतु परिवर्तन कैसे होते है |How seasons change   पृथ्वी अपने अक्ष में घुमने के साथ-साथ सूर्य की परिक्रमा करती है |अतः पृथ्वी की सूर्य के सापेक्ष स्थितियां बदलती रहती है |पृथ्वी के परिक्रमण में चार मुख्य अवस्थाये आती है ,इन अवस्थाओ से ऋतु परिवर्तन होते है |   21 जून की स्थिति –इस समय सूर्य

दिन रात का बड़ा या छोटा होना |Big or small day night

दिन रात का बड़ा या छोटा होना |Big or small day night. यदि पृथ्वी अपनी धुरी पर झुकी ना  होती तो दिन-रात बराबर होते |इस प्रकार यदि पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा नहीं करती तो एक गोलार्ध में दिन सदा ही बड़े होते और राते छोटी रहती, जबकि दुसरे गोलार्ध में राते बड़ी और दिन छोटे

फार्मास्युटिकल उद्योग |Pharmaceutical industry 

फार्मास्युटिकल उद्योग |Pharmaceutical industry यह एक हल्का उद्योग है |इसी कारण कच्चे माल या बाजार के स्थान पर इस उद्योग की अवस्थिति में कोल्ड स्टोरेज,एयरकंडीसनर,परिवहन व अन्य संरचनात्मक सुविधावो की अधिक महत्वपूर्ण भूमिका है |ये सुविधाए महानगरीय क्षेत्रो में बेहतर ढंग से उपलब्ध है | वर्तमान में भारत अपने रासायनिक फार्मूलेशन की 100%व बल्क ड्रग

जलयान,वायुयान तथा मोटरगाड़ी निर्माण उद्योग

जलयान,वायुयान तथा मोटरगाड़ी निर्माण उद्योग | (Vessels, aircraft and motor vehicles manufacturing industry) जलयान निर्माण उद्योग ( vessels manufacturing industry)- भारत में जलयान निर्माण के 27 औद्योगिक इकाईयों  सक्रीय है ,इनमे से 8 सार्वजनिक क्षेत्र तथा 19 निझी क्षेत्र के अंतर्गत कार्यरत है | भारत में जलयान का कारखाना 1941 में विशाखापत्तनम में स्थापित किया गया ,जिसे 1952 में सरकार ने

भारत में रेल उपकरण उद्योग |Rail equipment industry in India

भारत में रेल उपकरण उद्योग |Rail equipment industry in India भारतीय रेलवे अपने  उपकरणों  आदि के निर्माण में पूर्णत आत्मनिर्भर है |रेलवे उपकरण से सम्बन्धित पहली कंपनी झारखण्ड के सिंहभूमि में पेनिनसुलर कंपनी 1921 में स्थापित की गयी |बाद में इसका नाम टाटा इन्जिनियरिग एंड लोकोमोटीव कंपनी (टेल्को) रखा गया | चितरंजन लोकोमोटीव वोर्क्स में

भारत में एलुमिनियम उद्योग | Aluminum Industry in India

भारत में एलुमिनियम उद्योग | Aluminum Industry in India भारत में एल्युमिनियम का पहला कारखाना 1937 में प.बंगाल में आसनसोल के निकट जे.के. नगर में स्थापित किया गया |यह मुख्य रूप से कोयला क्षेत्र है | 1938 ई.में बाक्साइट क्षेत्र में झारखण्ड के मुरी नामक स्थान पर दूसरा एल्यूमिनियम संयत्र स्थपित किया गया | भारत