Category: General Knowledge

भारत में जूट उद्योग,चीनी उद्योग और कुटीर उद्योग

भारत में जूट उद्योग,चीनी उद्योग और कुटीर उद्योग जूट उद्योग यह कच्चे माल पर आधरित उद्योग है |उष्ण व आर्द्र जलवायु एवं डेल्टाई जलोड मिटटी के कारण जूट के रेशो का उत्पादन पश्चिम बंगाल के हुगली नदी घटी में होता है | इसे गोल्डन फाइबर नाम से जाना जाता है | जुट का पहला कारखाना

सूती वस्त्र उद्योग | Cotton Textile Industry

  सूती वस्त्र उद्योग | Cotton Textile Industry यह रेलवे के बाद भारत का सबसे बड़ा उद्योग है ,जो रोजगार प्रदान करता है |कपास,धागा व वस्त्र उत्पादन में सूती वस्त्र उद्योग लगभग साडे तीन करोड़ लोगो को रोजगार देता है |औधोगिक उत्पादन में इसका योगदान 14% है | -सूती वस्त्र उद्योग की स्थापना का पहला

भारत में कागज उद्योग |paper-industry-in-india

भारत में कागज उद्योग |paper-industry-in-india यह उद्योग एक भारह्रासी है |सामन्यतया एक टन कागज उत्पादन के लिए 22 टन कच्चे माल (लकड़ी) की आवश्यकता होती है |जिसमे – -बांस -70% ,15% सवाना घास ,7% गन्ने की खोयी ,5% मुलायम लकड़ी और 3% चावल ,गेहू ,मक्के के पुआल रद्दी कागज आदि से बनता है | -देश की प्रथम असफल कागज

भारत में उद्योग-तेल शोधन उद्योग

भारत में उद्योग-तेल शोधन उद्योग भारत में खनिज तेल का भंडार व उत्पादन घरेलु आवश्यकता से कम है ,इसीलिए भारत में काफी हद तक तेल का निर्यात किया जाता है |कच्चे माल क्षेत्रो के अतिरिक्त इनका मुख्य संकेंद्र्ण तटीय भागों में होता है | –वर्तमान में देश में  वार्षिक तेल  शोधन क्षमता 213 मिलियन टन

भारत में सीमेंट उद्योग

भारत में सीमेंट उद्योग सीमेंट उद्योग – –विश्व में सबसे पहले आधुनिक रूप से सीमेंट का निर्माण 1824 में ब्रिटेन के पोर्टलैंड नामक स्थान पर किया पगा था | –भारत में सबसे पहले आधुनिक रूप से सीमेंट का कारखाना 1904 में चेन्नई में स्थपित किया गया |यह उद्योग मुलतः अधात्विक खनिजो पर आधरित है |  चुना ,पत्थर और कोयला इसके प्रमुख माल है|यह एक

भारत में उद्योग|Industry in India

भारत में उद्योग|Industry in India लौह-इस्पात उद्योग -यह उद्योग किसी भी देश के आधारभूत उद्योग है |भारत में लौह-इस्पात उद्योग के विकास में पहला प्रयास 1830 ई.में तमिलनाडु के पोर्तोनोवो में इस्पात कारखाना स्तापित किया था |भारत चीन के  बाद दुसरे स्थान पर लौह इस्पात उत्पादक वाला  देश है | –देश में पूर्ण रूप से स्थापित

भारतीय संविधान के विदेशी स्रोत |Foreign sources of Indian Constitution

भारतीय संविधान के विदेशी स्रोत |Foreign sources of Indian Constitution संयुक्त राज्य अमेरिका (USA)के संविधान से लिए गये स्रोत प्रस्तावना के शब्द (हम भारत के लोग ) [The words of the preamble (we are people of India)] मूल अधिकार |[Original Rights ] स्वतंत्र न्यायपालिका [Independent judiciary] न्यायायिक पुनर्विलोकन [Judicial review] सर्वोच्च नायालय एवं उच्च न्यायालय के न्यायाधीशो

भारतीय संविधान की विशेषताये|Feature of Indian Constitution

भारतीय संविधान की विशेषताये|Feature of Indian Constitution भारतीय संविधान एक लिखित संविधान है |भारतीय संविधान लिखित संविधान के आधार पर अमेरिका के समान है | -इसमें एक प्रस्तावना ,395 अन्नुछेद ,22 भाग ,और 8 अनुसूची है | -वर्तमान में एक प्रस्तावना 465 अनुच्छेद (संख्यांक395),25 भाग (संख्यांक 22)और 12 अनुसूचियां है | –भारत का संविधान सबसे

प्रारूप सिमिति |Format committee

प्रारूप सिमिति |Format committee भारत के प्रारूप सिमिति  को तैयार करने के लिए 29 अगस्त 1947  को प्रारूप सिमिति का गठन किया गया |डॉ.भीम राव अम्बेटकर इसके अध्यक्ष थे |इसमें कुल 7 सदस्य थे (अध्यक्ष सहित) जो निम्न्लिखित है- के.सी.मुंशी डी.पी.खेताल बी.एम.मित्तर मुहमद सादुल्ला अल्लादी कृष्ण स्वामी अय्यर एन.गोपाल स्वामी आयंगर छोटी सिमिति एवं उनके अध्यक्ष – वित्त एवं कर्मचारी समिति 

संविधान सभा की सिमितियाँ | Committees of the Constituent Assembly

संविधान सभा की सिमितियाँ | Committees of the Constituent Assembly संविधान सभा ने संविधान के निर्माण से सम्बंधित विभिन्न कार्य को करने के लिए कई समोतियो का गठन किया |जिनमे 8 बड़ी समितिया तथा अन्य छोटी थी |जो इस प्रकार है – बड़ी संघ सनितियाँ एवं उनके अध्यक्ष – 1.संघ सिमिति के अध्यक्ष       –  पंडित जवाहरलाल