भारत में उद्योग|Industry in India

भारत में उद्योग|Industry in India

लौह-इस्पात उद्योग -यह उद्योग किसी भी देश के आधारभूत उद्योग है |भारत में लौह-इस्पात उद्योग के विकास में पहला प्रयास 1830 ई.में तमिलनाडु के पोर्तोनोवो में इस्पात कारखाना स्तापित किया था |भारत चीन के  बाद दुसरे स्थान पर लौह इस्पात उत्पादक वाला  देश है |

–देश में पूर्ण रूप से स्थापित पहला लौह-इस्पात कारखाना 1874ई. में बराकर नदी के किनारे (प.बंगाल ) नामक स्थान पर बंगाल आयरन वर्क्स (BIW)के रूप में स्थपित की गयी |बाद में यह फण्ड के आभाव के कारण बंद हो गयी  तो बंगाल सरकार ने अधिग्रहण कर लिया और इसका नाम बराकर आयरन वर्क्स रखा गया |

देश में सबसे पहला बड़े पैमने का कारखाना 1907 ई.में तात्कालिक बिहार राज्य में स्वर्ण रेखा नदी की घाटी में साकची नामक स्थान पर जमशेदजी टाटा द्वारा स्थापित किया गया |

लौह-अयस्क के प्रमुख कारखाने भद्रावती ,भिलाई व सेलम है तथा कोयला क्षेत्र में कुल्टी-बर्नपुर ,दुर्गापुर व बोकरो है|उपर्युक्त दोनों संस्थानों के मध्य जमशेदपुर व राउरकेला आदि कारखाने है ,बंदरगाह आधरित एकमात्र कारखाना विशाखापत्तनम में स्थित है |इसने ISO प्रमाण पत्र प्राप्त किया है |

स्वतंत्रता से पूर्व स्थापित लौह-इस्पात कारखाना –

1.भारतीय लौह-इस्पात कंपनी :इसकी स्थापना 1918 में प.बंगाल की दामोदर नदी घटी में हीरापुर नामक स्थान पर की गयी ,बाद में कुल्टी,बर्नपुर तथा हीरापुर स्थित संयत्रो को मिला दिया |

2.मैसूर आयरन एंड स्टील वर्क्स :1923 में मैसूर के भद्रावती नामक स्थान पर स्थापित किया गया |इसका वर्तमान नाम विश्वेश्वरैया आयरन एंड स्टील कंपनी लिमिटेड (VISCL) है |

3.स्टील कारपोरेशन ऑफ़ बंगाल :इसकी स्थापना 1937 ई.बर्नपुर(प. बंगाल में हुई |1953 में भारतीय लौह-इस्पात कंपनी में मिला दिया |

भारत में लौह-इस्पात कारखानों की स्थिति –

जमशेदपुर –

स्थापना1907

लौह अयस्क -ओड़िसा की गुरु महिसनी व मयुरभंज की नोआमुन्डी खानों से

कोयलाझरिया की खानों से

चुना पत्थर -बिहार-ओड़िसा की खानों से

जल विधुत -स्वर्ण रेखा और खरकई नदियों व डिमना नाला बांध से

बर्नपुर –

लौह अयस्क -छोटा नागपुर पठार से

कोयला -झर्रिया व रानीगंज के खानों से

चुना पत्थर -ओड़िसा की खानों से

जल विधुत -दामोदर व बराकर नदी से

भद्रावती –

लौह अयस्क -बाबा बुदन पहाड़ी से

कोयला -वनों की लकड़ी तथा पश्चिमी घाट से प्राप्त जल विधुत

चुना-पत्थर –गंगुर से

जल विधुत -भद्रा नदी से

दुर्गापुर –

लौह अयस्क –छोटा नागपुर पत्थर व ओड़िसा से

कोयलाबराकर व झरिया से

जल विधुत -दामोदर नदी से

राउरकेला –

लौह-अयस्क -ओड़िसा

कोयलाझरिया व तलचर खानों से |हीराकुंड से जल विधुत्त

जल विधुत -ब्राह्मणी नदी से व शंख नदी पर बने बांध से

भिलाई –

लौह-अयस्क -दल्ली-राजहरा क्षेत्र से

कोयला- उत्तम कोयला झरिया व बोकारो से

चुना पत्थर -रायपुर ,दुर्ग ,विलाश्पुर

जल-विधुत –तिदुंला नहर और गोदंली जलाशय से

बोकारो –

लौह -अयस्क -ओड़िसा से

कोयला -स्थानीय कोयला

चुना-पत्थर -ओड़िसा से

जल विधुत -दामोदर नदी से

विशाखापत्तनम –

लौह-अयस्क बैलाडीला की खानों से

कोयला -ऑस्ट्रेलिया से आयत

चुना-पत्थर –छतीसगढ़

पारादीप-

लौह अयस्क -ओड़िसा (क्युन्झार-बोनई )

कोयला –झरिया के तलचर से

चुना-पत्थर -ओड़िसा

दूसरी पंचवर्षीय योजना (1956-61 ई.) में स्थापित कारखाने –

1.भिलाई इस्पात कारखाना –1955 में मद्यप्रदेश के भिलाई  (अब छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिला )में पूर्व सोवियत संघ की सहायता से स्थापना की गयी |

2.हिंदुस्तान स्टील लिमिटेड ,राउरकेलाइसकी स्थापना ओड़िसा के राउरकेला नामक स्थान पर जर्मनी की सहायता से की गयी |

3..हिंदुस्तान स्टील लिमिटेड ,दुर्गापुर –इसकी स्थापना 1956 में प.बंगाल के दुर्गापुर नामक स्थान पर ब्रिटेन की सहायता से की गयी |

तीसरी  पंचवर्षीय योजना में स्थापित कारखाने –

-बोकारो स्टील प्लांट इसकी स्थापना 1968 में झारखण्ड के बोकारो नामक स्थान पर सोवियत संघ की सहायता से की गयी |

चौथी  पंचवर्षीय योजना में स्थापित कारखाने –

1.सेलम इस्पात संयंत्र –सेलम (तमिलनाडु )

2.विशाखापत्तनम इस्पात संयंत्र -.विशाखापत्तनम(आंध्रप्रदेश)

3.विजयनगर इस्पात संयत्र –कर्नाटक

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