ऋतु परिवर्तन कैसे होते है |How seasons change

ऋतु परिवर्तन कैसे होते है |How seasons change   पृथ्वी अपने अक्ष में घुमने के साथ-साथ सूर्य की परिक्रमा करती है |अतः पृथ्वी की सूर्य के सापेक्ष स्थितियां बदलती रहती है |पृथ्वी के परिक्रमण में चार मुख्य अवस्थाये आती है ,इन अवस्थाओ से ऋतु परिवर्तन होते है |   21 जून की स्थिति –इस समय सूर्य

दिन रात का बड़ा या छोटा होना |Big or small day night

दिन रात का बड़ा या छोटा होना |Big or small day night. यदि पृथ्वी अपनी धुरी पर झुकी ना  होती तो दिन-रात बराबर होते |इस प्रकार यदि पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा नहीं करती तो एक गोलार्ध में दिन सदा ही बड़े होते और राते छोटी रहती, जबकि दुसरे गोलार्ध में राते बड़ी और दिन छोटे

फार्मास्युटिकल उद्योग |Pharmaceutical industry 

फार्मास्युटिकल उद्योग |Pharmaceutical industry यह एक हल्का उद्योग है |इसी कारण कच्चे माल या बाजार के स्थान पर इस उद्योग की अवस्थिति में कोल्ड स्टोरेज,एयरकंडीसनर,परिवहन व अन्य संरचनात्मक सुविधावो की अधिक महत्वपूर्ण भूमिका है |ये सुविधाए महानगरीय क्षेत्रो में बेहतर ढंग से उपलब्ध है | वर्तमान में भारत अपने रासायनिक फार्मूलेशन की 100%व बल्क ड्रग

जलयान,वायुयान तथा मोटरगाड़ी निर्माण उद्योग

जलयान,वायुयान तथा मोटरगाड़ी निर्माण उद्योग | (Vessels, aircraft and motor vehicles manufacturing industry) जलयान निर्माण उद्योग ( vessels manufacturing industry)- भारत में जलयान निर्माण के 27 औद्योगिक इकाईयों  सक्रीय है ,इनमे से 8 सार्वजनिक क्षेत्र तथा 19 निझी क्षेत्र के अंतर्गत कार्यरत है | भारत में जलयान का कारखाना 1941 में विशाखापत्तनम में स्थापित किया गया ,जिसे 1952 में सरकार ने

भारत में रेल उपकरण उद्योग |Rail equipment industry in India

भारत में रेल उपकरण उद्योग |Rail equipment industry in India भारतीय रेलवे अपने  उपकरणों  आदि के निर्माण में पूर्णत आत्मनिर्भर है |रेलवे उपकरण से सम्बन्धित पहली कंपनी झारखण्ड के सिंहभूमि में पेनिनसुलर कंपनी 1921 में स्थापित की गयी |बाद में इसका नाम टाटा इन्जिनियरिग एंड लोकोमोटीव कंपनी (टेल्को) रखा गया | चितरंजन लोकोमोटीव वोर्क्स में

भारत में एलुमिनियम उद्योग | Aluminum Industry in India

भारत में एलुमिनियम उद्योग | Aluminum Industry in India भारत में एल्युमिनियम का पहला कारखाना 1937 में प.बंगाल में आसनसोल के निकट जे.के. नगर में स्थापित किया गया |यह मुख्य रूप से कोयला क्षेत्र है | 1938 ई.में बाक्साइट क्षेत्र में झारखण्ड के मुरी नामक स्थान पर दूसरा एल्यूमिनियम संयत्र स्थपित किया गया | भारत

भारत में जूट उद्योग,चीनी उद्योग और कुटीर उद्योग

भारत में जूट उद्योग,चीनी उद्योग और कुटीर उद्योग जूट उद्योग यह कच्चे माल पर आधरित उद्योग है |उष्ण व आर्द्र जलवायु एवं डेल्टाई जलोड मिटटी के कारण जूट के रेशो का उत्पादन पश्चिम बंगाल के हुगली नदी घटी में होता है | इसे गोल्डन फाइबर नाम से जाना जाता है | जुट का पहला कारखाना

सूती वस्त्र उद्योग | Cotton Textile Industry

  सूती वस्त्र उद्योग | Cotton Textile Industry यह रेलवे के बाद भारत का सबसे बड़ा उद्योग है ,जो रोजगार प्रदान करता है |कपास,धागा व वस्त्र उत्पादन में सूती वस्त्र उद्योग लगभग साडे तीन करोड़ लोगो को रोजगार देता है |औधोगिक उत्पादन में इसका योगदान 14% है | -सूती वस्त्र उद्योग की स्थापना का पहला

भारत में कागज उद्योग |paper-industry-in-india

भारत में कागज उद्योग |paper-industry-in-india यह उद्योग एक भारह्रासी है |सामन्यतया एक टन कागज उत्पादन के लिए 22 टन कच्चे माल (लकड़ी) की आवश्यकता होती है |जिसमे – -बांस -70% ,15% सवाना घास ,7% गन्ने की खोयी ,5% मुलायम लकड़ी और 3% चावल ,गेहू ,मक्के के पुआल रद्दी कागज आदि से बनता है | -देश की प्रथम असफल कागज

भारत में उद्योग-तेल शोधन उद्योग

भारत में उद्योग-तेल शोधन उद्योग भारत में खनिज तेल का भंडार व उत्पादन घरेलु आवश्यकता से कम है ,इसीलिए भारत में काफी हद तक तेल का निर्यात किया जाता है |कच्चे माल क्षेत्रो के अतिरिक्त इनका मुख्य संकेंद्र्ण तटीय भागों में होता है | –वर्तमान में देश में  वार्षिक तेल  शोधन क्षमता 213 मिलियन टन