वेवेल योजना और शिमला समझौता

वेवेल योजना और शिमला समझौता

वेवेल योजना –

  • अक्टूबर 1943ई. में लार्ड लिनलिथगो के स्थान पर लार्ड वेवेल भारत के गवर्नर बनकर आये |
  • लार्ड वेवेल ने भारत में संवेधानिक गतिरोध दूर करने के लिए 4 जून 1945 को एक विस्तृत योजना प्रस्तुत की जिसे वेवेल योजना कहते है |
  • इसकी प्रमुख प्रावधान निम्न्लिखित है-
  1. केंद्र में नयी कार्यकारी परिषद का गठन किया जाएगा |परिषद् में वायसराय एवं सैन्य प्रमुख के अतिरिक्त शेष सभी सदस्य भारतीय होंगे और प्रतिरक्षा विभाग वायसराय के अधीन होगा |
  2. कार्यकारिणी में मुस्लिम सदस्यों की संख्या हिन्दुओं के बराबर होगी |
  3. कार्यकारणी परिषद् एक अंतरिम राष्ट्रीय सरकार के सामान होगी |गवर्नर जनरल बिना कारण वीटो शक्ति का प्रयोग नहीं करेगा |
  4. द्वितीय विश्व युद्ध के बाद भारतीय अपना संविधान बनायेंगे |
  5. भारत छोडो आन्दोलन के समय के सरे नेताओ को रिहा कर दिया जायेगा तथा शिमला में एक सर्वदलीय सम्मलेन बुलाया गया |

शिमला सम्मलेन-

  • 25 जून से 14 जुलाई 1945 ई. के मध्य शिमला ने एक सर्वदलीय सम्मलेन आयोजन किया गया इस सम्मलेन में कांग्रेस का नेत्र्त्व मौलाना अबुल कलाम आजद ने किया |
  • गाँधी जी ने इसमें भाग नहीं लिया |
  • मुस्लिम लीग यह चाहती थी की वायसराय की कार्यकारणी परिषद् में नियुक्त होने वाले मुस्लिम सदस्यों का चयन सिर्फ वही करे ,जिसे कांग्रेस ने अस्वीकार किया है |फलत यह सम्मलेन विफल रहा |

-इस सम्मलेन में कांग्रेस जहा अखंड भारत की मांग कर रही थी ,मुस्लिम लीग पाकिस्तान के लिए जिद पर अडी रही |

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